IPL के बेतुके रूप पर सवालिया निशान, बोल पड़े कई दिग्गज

IPL के बेतुके रूप पर सवालिया निशान, बोल पड़े कई दिग्गजIPL के बेतुके रूप पर सवालिया निशान, बोल पड़े कई दिग्गज

अभिषेक त्रिपाठी, बेंगलुरु। पांच अप्रैल को शुरू हुई इंडियन प्रीमियर लीग 21 मई को खत्म होगी, लेकिन इसके खत्म होने से पहले टूर्नामेंट के 45 दिन के प्रारूप पर सवाल उठने लगे हैं। भारत के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सुनील गावस्कर, कोलकाता नाइटराइडर्स के सहमालिक शाह रुख खान और एलिमिनेटर के ‘मैन ऑफ द मैच’ नाथन कल्टर नील सहित कई दिग्गजों ने प्ले ऑफ मुकाबलों के लिए रिजर्व डे नहीं होने पर वाजिब सवाल खड़े किए हैं।

कोलकाता और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बुधवार को बेंगलुरु में हुए एलिमिनेटर में बारिश के कारण पूरा मैच नहीं हो पाया। आठ बजे शुरू हुआ मुकाबला रात करीब डेढ़ बजे खत्म हुआ। उसमें भी फैसला डकवर्थ लुईस से हुआ। इसके बाद गावस्कर ने सबसे पहले सवाल खड़ा किया कि इतनी रात तक मैच कराना ठीक नहीं है। यह सिर्फ खिलाडि़यों या टीम की बात नहीं है, बल्कि स्टेडियम में जो लोग मैच देखने आते हैं उनके बारे में भी सोचना चाहिए। रात डेढ़ बजे कोई दर्शक कैसे अपने घर वापस जाएगा और अगर वे बिना देखे ही वापस जाते हैं तो यह उनके साथ ठीक नहीं।

बुधवार को नाइटराइडर्स ने अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बल पर सनराइजर्स को 128 रन पर ही रोक दिया था। इसके बाद बारिश के कारण करीब तीन घंटे खेल रुका रहा। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच नहीं हो पाएगा और खराब प्रदर्शन के बावजूद सनराइजर्स क्वालीफायर-2 में पहुंच जाएगी, लेकिन तीन घंटे के बाद मैच फिर से शुरू हुआ। अगर यह चिन्नास्वामी स्टेडियम नहीं होता तो कोलकाता अब तक आइपीएल-10 से बाहर हो चुकी होती क्योंकि देश के किसी अन्य स्टेडियम में इस तरह का ड्रेनेज सिस्टम नहीं है।

बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा कि वाकई में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग के प्रारूप पर सोचने की जरूरत है। हम बीच में किसी दिन एक की जगह दो-दो मैच कराकर तीन दिन बचा सकते हैं और इसके एवज में हमें क्वालीफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 के लिए एक-एक रिजर्व डे मिल जाएगा। इससे टूर्नामेंट को ज्यादा लंबा किए बिना भी हम प्ले ऑफ के लिए रिजर्व डे रख सकते हैं। फाइनल मुकाबले के लिए रिजर्व डे रखा गया है और यदि 21 मई को खेल नहीं हुआ या मैच पूरा नहीं हुआ तो यह 22 मई को खेला जाएगा। आइपीएल के एक संस्करण में ऐसा हुआ था जब क्वालीफायर का मुकाबला दूसरे दिन हुआ था। आइपीएल-7 के क्वालीफायर-1 में कोलकाता और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच 27 मई को खेल नहीं हो पाया था। इसके अगले दिन शाम चार बजे खेले गए इस मुकाबले में कोलकाता ने पंजाब को 28 रनों से परास्त किया था।

– जानिए किसने क्या कहा

‘मैं रात में डेढ़-दो बजे तक आइपीएल मुकाबला होने के पक्ष में नहीं हूं। आठ बजे शुरू होने वाले मैच खत्म होने का समय 11.30 बजे का है। अगर बारिश होती भी है तो इसके आसपास ही मैच खत्म होना चाहिए। रात में डेढ़ बजे तक मैच करवाने का कोई मतलब नहीं। अगर प्ले ऑफ के मैच पूरे ही करवाने है तो उसके लिए रिजर्व डे रखे जाएं। – सुनील गावस्कर

‘कर्नाटक क्रिकेट संघ ने बारिश से पैदा हुए मुश्किल हालात में बेहतर तरीके से काम किया और यह कोलकाता नाइटराइडर्स के हित में रहा।’ – गौतम गंभीर, कप्तान, कोलकाता नाइटराइडर्स

‘अगर मैच वर्षा से बाधित नहीं होता तो हमारी टीम फाइनल में पहुंच सकती थी। यदि हम कुछ रन और बना पाते और दो-तीन विकेट ले लेते तो हमारे पास 20 ओवर के मैच में जीतने का मौका होता। विकेट शॉट खेलने के लिए बहुत अच्छा नहीं था क्योंकि यदि शॉट खेलते तो 70-80 रन पर आउट हो जाते। हम 140 रन बनाने की सोच रहे थे और अगर पूरे 20 ओवर का मैच होता तो हम बराबरी की स्थिति में होते। हम 10 रन पीछे रह गए। हमने इस सत्र में देखा है कि 130 रन बनाकर भी टीमें मैच जीती हैं।’ – मुरलीधरन, गेंदबाजी कोच, सनराइजर्स हैदराबाद

‘मैच के बीच में जब बारिश हुई थी, तो हम आश्वस्त थे कि यह जल्द ही रुक जाएगी। जब अंपायर 12 बजकर, 40 मिनट पर आखिरी बार निरीक्षण के लिए गए तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं खेलना नहीं चाहता हूं। बहुत देर हो चुकी थी। इन नियमों पर गौर करने की जरूरत है। मेरे कहने का मतलब है कि दो बजने वाले थे। आप देर रात दो बजे क्रिकेट नहीं खेल सकते।’ – नाथन कल्टर नील (मैन ऑफ द मैच, एलिमिनेटर)

‘अगर किसी मैच में ऐसी किसी तरह की बाधा आती है तो उसके लिए प्ले ऑफ में एक अतिरिक्त दिन होना चाहिए।’ – शाह रुख खान, सहमालिक, कोलकाता नाइटराइडर्स

क्रिकेट की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

खेल जगत की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

Tags:
author

Author: 

Leave a Reply