Exclusive : बाहुबली के निर्देशक राजमौली की फिल्मों में ही नहीं, रियल लाइफ में भी चलता है Women Power

Exclusive : बाहुबली के निर्देशक राजमौली की फिल्मों में ही नहीं, रियल लाइफ में भी चलता है Women PowerExclusive : बाहुबली के निर्देशक राजमौली की फिल्मों में ही नहीं, रियल लाइफ में भी चलता है Women Power

अनुप्रिया वर्मा, मुंबई। बाहुबली वर्तमान दौर की उन फिल्मों में से एक है, जिसमें महिलाओं को काफी शक्तिशाली रूप में पेश किया गया है। यही नहीं निर्णय लेने में भी हमेशा महिलाएं ही आगे रही हैं। फिर वह पहले भाग में तमन्ना भाटिया का किरदार हो, जिन्होंने फिल्म में खूब एक्शन किये थे। वहीं दूसरे भाग में शिवगामिनी और देवसेना को भी शक्तिशाली महिला वाले किरदारों में ही दर्शाया गया है।

एेसे में आपको एक रोचक बात जानकर और हैरानी होगी और वह यह है कि न सिर्फ फिल्मी परदे पर, मगर रियल लाइफ में भी राजमौली के घर पर महिला का ही शासन है और यह राज खुद फिल्म के निर्देशक और राजमौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद ने खोला है। विजयेंद्र से जब जागरण डॉट कॉम ने यह जानने की कोशिश की, कि रियल लाइफ में वह किन महिलाओं से प्रेरित हैं और उनके घर पर किसका राज चलता है। इस पर उन्होंने एक कहानी सुनाते हुए बताया कि उनके गांव में हमेशा यह कहावत प्रचलित है कि चाहे कुछ भी हो जाये, पुरुष राजा क्यों न बन जाये, निर्णय का हक महिला को ही होता है।

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तो जाहिर सी बात है कि हमारे घर पर भी ऐसा माहौल है और हम गर्व से महिलाओं की कद्र करते हैं और यह सच है कि विजयेंद्र की पत्नी की घर के सारे निर्णय में सबसे अहम हिस्सा होता है। यही वजह है कि फिल्म में भी उन्होंने हमेशा अपनी महिला किरदारों को सशक्त दिखाया है। राजमाता शिवगामी देवी का किरदार जिस तरह फिल्म में सबसे अहम किरदार है। उनकी निजी जिंदगी में भी उन पर और राजामौली के घरेलू निर्णय में विजयेंद्र की पत्नी का अहम योगदान होता है।

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विजयेद्र ने भी यह भी कहा कि अगर निजी जिंदगी में वह महिलाओं को इतना प्रबल और शक्तिशाली नहीं मानते, तो शायद फिल्म में भी वह ईमानदारी से महिलाओं के किरदारों को दर्शा नहीं पाते। बताते चलें कि खबर लिखे जाने तक बाहुबली की बॉक्स आॅफिस पर कमाई का आंकड़ा 500 करोड़ के पार कर चुकी है।

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