BCCI ने निकाला ICC को चकमा देने का तरीका, एक तीर से करेंगे दो शिकार!

BCCI ने निकाला ICC को चकमा देने का तरीका, एक तीर से करेंगे दो शिकार!BCCI ने निकाला ICC को चकमा देने का तरीका, एक तीर से करेंगे दो शिकार!

नई दिल्ली, जेएनएन। क्रिकेट की दुनिया में होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर लड़ाई में दांव-पेंच जारी हैं। बीसीसीआइ और आइसीसी के बीच चल रही इस लड़ाई में साम, दाम, दंड, भेद सभी कुछ देखने को मिल रहा है। 

अब ऐसी आशंकाएं भी सामने आ रही हैं कि बीसीसीआइ जून में होने वाली आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी दूसरे दर्जे की टीम को भेज सकता है। बीसीसआइ अगर ऐसा करता है तो इसके पीछे वजह है कि उस पर एमपीए (मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट) के उल्लंघन का आरोप न लग जाए। इस तरह बीसीसीआइ एक तीर से दो शिकार कर सकता है। 

बीसीसीआइ ने समय सीमा बीतने के बावजूद आइसीसी की चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम की घोषणा नहीं की है। यह बीसीसीआइ के दवाब बनाने का ही एक तरीका है। इसके बाद आइसीसी ने बीसीसी को नए रेवेन्यू मॉडल के अलावा 100 मिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव दिया, जिसे बीसीसीआइ ने ठुकरा दिया। 

अब अगर बीसीसीआइ अपनी दोयम दर्जे की टीम भेजता है तो वह आइसीसी के टूर्नामेंट में भाग लेने से आठ सालों के लिए बैन भी नहीं होगा और वह आइसीसी पर दबाव बनाने में भी सफल रहेगा। 

बीसीसीआइ अपने स्टार खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट से दूर रखकर इसका आकर्षण कम कर सकता है। इससे उन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का नुकसान भी नहीं होगा, जिन्होंने इस टूर्नामेंट के टिकट खरीद लिए हैं। 

इससे पहले, भारत ने 2016 में जिंबाब्वे में द्विपक्षीय श्रंखला के लिए दूसरे दर्जे की टीम भेजी थी। इसके अलावा वेस्टइंडीज भी 2009 में अपने खिलाड़ियों के संघ की बगावत के चलते बांग्लादेश में अपनी दूसरे दर्जे की टीम भेजी थी। 

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