विराट के लाजवाब ‘कनपुरिये’ पर टिकी सबकी निगाहें, जानिए इसकी खास वजह

विराट के लाजवाब ‘कनपुरिये’ पर टिकी सबकी निगाहें, जानिए इसकी खास वजह

शिवम् अवस्थी, नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। भारतीय क्रिकेट टीम के सुनहरे इतिहास में हमने तमाम ऐसे स्पिनर्स को देखा जो अकेले दम पर विरोधी टीम का हौसला तोड़ने में सक्षम रहे। समय बदला, टीम ने युवा रूप लिया लेकिन स्पिनर्स का दबदबा आज भी जारी है। इसी कड़ी में अब भारतीय टीम को एक ऐसा स्पिनर मिल चुका है जैसा आज से पहले कभी नहीं मिला। आइए जानते हैं कि क्या हैं वो कारण कि 26 जुलाई से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में सबकी नजरें एक 22 साल के गेंदबाज पर टिकी होंगी। 

विराट का कनपुरिया धुरंधर 

जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं चाइनामेन गेंदबाज कुलदीप यादव की जिनका ताल्लुक उत्तर प्रदेश के कानपुर से है। चाइनामेन, यानी एक ऐसा बाएं हाथ का रहस्यमयी स्पिनर जो लेग स्पिन को अलग दिशा देने में सक्षम हो। एक लेग स्पिनर जहां दाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ गेंद को बाउंस कराने के बाद उसको ऑफ स्टंप की ओर स्पिन कराता है। वहीं, चाइनामेन कलाई के उपयोग के साथ इसी प्रकार की गेंद को उल्टी दिशा देता है यानी स्पिन होने के बाद गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज से दूर जाने के बजाय अंदर की तरफ आती है। यही चीज उनके प्रकार के गेंदबाजों को बेहद घातक बनाती है और दुनिया में ऐसे चुनिंदा गेंदबाज ही हुए हैं।

आ रहा है बड़ा मौका, जानिए वजह 

कुलदीप यादव ने अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक टेस्ट मैच, एक अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच और पांच वनडे मैच ही खेले हैं। उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ चार विकेट लेकर सबका दिल जीता, ये टेस्ट धर्मशाला में खेला गया था। इसके बाद सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने पांच वनडे और एक टी20 मैच वेस्टइंडीज की जमीन पर खेले। पांच वनडे मैचों में वो 8 विकेट लेने में सफल रहे जबकि एक टी20 मैच में एक विकेट लिया। हम यहां आपको इन आंकड़ों के बारे में इसलिए बता रहे हैं क्योंकि इनमें से ज्यादातर मौके ऐसी पिचों पर थे जहां स्पिनर्स को कुछ खास फायदा नहीं मिलता दिखा। इसके बावजूद कुलदीप ने अच्छा आगाज किया..लेकिन अब भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर जा रही है जहां उसे तीन टेस्ट, पांच वनडे और एक टी20 मैच खेलना है। श्रीलंकाई पिचें हमेशा से स्पिनर्स के लिए फायदेमंद साबित हुई हैं, ऐसे में कुलदीप के लिए करियर के शुरुआती चरण में वहां खेलना जैकपॉट साबित हो सकता है।

क्या याद है पिछली सीरीज?

श्रीलंकाई पिचों पर स्पिनर्स का हमेशा से दबदबा रहा है, इसका एक नमूना हम पिछले साल भी देख चुके हैं जब भारत ने श्रीलंका दौरा किया था। उस दौरे पर खेली गई टेस्ट सीरीज में रविचंद्रन अश्विन और अमित मिश्रा ने अपनी फिरकी के दम पर ही भारत को सीरीज जिता दी थी। भारत उस सीरीज में पहला टेस्ट हार चुकी थी लेकिन बाकी बचे दो टेस्ट जीतकर उन्होंने खिताब अपने नाम किया था। ‘मैन ऑफ द सीरीज’ अश्विन ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए उस सीरीज के तीन मैचों में 21 विकेट लिए थे जबकि अमित मिश्रा ने तीन मैचों में 15 विकेट हासिल किए थे। अश्विन तो टीम में रहेंगे ही, वहीं कुलदीप अगर टीम में शामिल हुए तो मुमकिन है कि अमित मिश्रा को बाहर रखा जाए लेकिन बड़ी बात नहीं है कि कप्तान विराट और कोच शास्त्री की आक्रामक जोड़ी दोनों को ही मौका दे डाले।

ये आंकड़े साबित करते हैं 

अश्विन ने जब पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ उस टेस्ट सीरीज में 21 विकेट लिए तो ये श्रीलंका में खेलते हुए एक टेस्ट सीरीज मेें किसी भी भारतीय का रिकॉर्ड प्रदर्शन था। दिलचस्प बात ये है कि इससे पहले जितनी भी बार कोई भारतीय गेंदबाज श्रीलंका में धमाल मचाने में सफल रहा, तो वो एक स्पिनर ही था, यानी स्पिनर्स ही श्रीलंका में किंग रहे हैं। ये हैं श्रीलंकाई जमीन पर एक टेस्ट सीरीज (तीन मैच) में भारतीय गेंदबाजों द्वारा शीर्ष 5 प्रदर्शन..  

1. रविचंद्रन अश्विन – (2016) – 21 विकेट 

2. हरभजन सिंह – (2008) – 16 विकेट

3. अमित मिश्रा – (2016) – 15 विकेट

4. अनिल कुंबले – (1993) – 13 विकेट

5. अनिल कुंबले – (2008) – 8 विकेट

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Shivam Awasthi 

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