भालाफेंक में रिकॉर्डधारी नीरज चोपड़ा के ओलंपिक अभियान को बड़ा झटका

भालाफेंक में रिकॉर्डधारी नीरज चोपड़ा के ओलंपिक अभियान को बड़ा झटकाभालाफेंक में रिकॉर्डधारी नीरज चोपड़ा के ओलंपिक अभियान को बड़ा झटका

नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। पिछले साल रियो ओलंपिक से ठीक पहले पोलैंड में अंडर 20 विश्व चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा का 2020 टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने का सपना चकनाचूर होता नजर आ रहा है। जिस ऑस्ट्रेलियन कोच गैरी कैलवर्ट के सहारे उन्होंने यह सपना बुना था, वह भारत के कोच के पद से इस्तीफा देकर चीन के भाला फेंक के मुख्य कोच बन गए हैं। उन्होंने अपने इस कदम के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) व भारतीय एथलेटिक्स संघ (एएफआइ) के रवैये की आलोचना की है।

कैलवर्ट ने गुरुवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा कि आज मेरे काम का आखिरी दिन है। मैंने चीन के भाला फेंक कोच का पद स्वीकार कर लिया है। मैंने एएफआइ से अपने करार को दो साल की जगह चार साल का करने की मांग की थी। मैं चाहता था कि 2020 ओलंपिक तक कोच बना रहूं जिससे नीरज चोपड़ा, रवींद्र सिंह खैरा, शिवपाल सिंह और अन्य को कोचिंग दे सकूं, लेकिन एएफआइ और साइ सात महीने में भी इसका जवाब देने में असफल रहे। मेरा लक्ष्य भारत में छह साल से भी ज्यादा रहकर भारतीय भाला फेंक को नई ऊंचाई देने का था। 

उन्होंने आगे लिखा है, 2016 में मेरे साथ काम करके नीरज ने विश्व चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। 2017 में नीरज ने 83.34 मीटर दूर भाला फेंक कर अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। एशियन ग्रां प्रि में रवींद्र ने अच्छा प्रदर्शन किया। 2020 ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मैं एएफआइ से कुछ परिवर्तन चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारत में बहुत प्रतिभा है और मैं चाहता हूं कि वे इस स्पर्धा में बेहतर करें। पानीपत के 18 वर्षीय नीरज पिछले साल एक उपलब्धि नाम की थी। वह पिछले साल एथलेटिक्स में किसी भी स्तर पर विश्व चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। उन्होंने 86.48 मीटर के प्रयास के साथ न सिर्फ विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, बल्कि जूनियर विश्व रिकॉर्ड और सीनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। 

हालांकि रियो ओलंपिक क्वालीफायर का समय निकल जाने के कारण नीजर ओलंपिक नहीं जा पाए थे। उनसे 2020 ओलंपिक में पदक जीतने की आशा लगाई जा रही है, लेकिन कैलवर्ट के जाने से अब समस्या होगी। नीरज चोपड़ा ने कहा है, ‘कैलवर्ट ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उनके साथ अभ्यास करके मजा आता था, लेकिन अब वह भारत छोड़कर जा रहे हैं। उससे कुछ दिक्कत आएंगी, लेकिन ओलंपिक में पदक जीतने के लिए मुझे नए कोच के साथ और भी ज्यादा मेहनत करनी होगी।’

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