बाहुबली के लेखक का बड़ा प्लान , सिर्फ कंगना के लिए खेलेंगे ये दांव

बाहुबली के लेखक का बड़ा प्लान , सिर्फ कंगना के लिए खेलेंगे ये दांवबाहुबली के लेखक का बड़ा प्लान , सिर्फ कंगना के लिए खेलेंगे ये दांव

मुंबई। फिल्म बाहुबली के लेखक और इस फिल्म के निर्देशक एस एस राजमौली के पिता के वी विजयेंद्र प्रसाद ने कहा है कि अंग्रेजी हुकूमत की धोखेबाज़ी और अत्याचार की जो ज्वाला उनके दिल में अब भी धधक रही है उसे बुझाने के लिए ही वो मणिकर्णिका जैसी फिल्म को लिख रहे हैं और वो भी सिर्फ कंगना के बगावती तेवरों को देखते हुए।

बता दें कि कंगना रनौत जल्द ही झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर बनने वाली फिल्म ‘ मणिकर्णिका – द क्वीन ऑफ़ झांसी ‘ में रानी का रोल निभाएंगी , जिसका पोस्टर वाराणसी में गंगा के किनारे गुरुवार को रिवील किया गया। इस फिल्म को विजेंद्र प्रसाद लिख रहे हैं। जागरण डॉट कॉम से ख़ास बातचीत में उन्होंने बताया कि रानी उनके लिए एक रियल हीरो है। दक्षिण में तो लड़कियों को झांसी कह कर भी सम्बोधित किया जाता है। ये फिल्म लिखने का ख्याल उनके दिल में काफी समय से था। उनको रह रह कर ये बात कचोटती रही कि अंग्रेजो ने किस तरह से झांसी की उस वीरांगना रानी को बदनाम करने की कोशिश की। अंग्रेजी हुकूमत के तमाम अत्याचार के खिलाफ उस मर्दानी ने जो जंग की थी वो हमेशा से ही उन्हें प्रेरित करती थी और इसी कारण उन्होंने मणिकर्णिका को लिखना शुरू किया।

बाहुबली जैसी विशाल तो नहीं…

विजयेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस फिल्म में लक्ष्मीबाई के हर तरह के शेड्स और इमोशंस होंगे लेकिन जिस तरह से उनके बेटे राजमौली ने बाहुबली बनाई है , उस स्केल पर मणिकर्णिका को नहीं बनाया जायेगा क्योंकि वो इसे अलग नजरिये से देख रहे हैं। कंगना बागी है इसलिए मणिकर्णिका है – विजयेंद्र प्रसाद ने कहा कि मणिकर्णिका के लिए अगर दस बार भी लीड रोल के लिए कोई नाम पूछता तो भी वो हर बार कंगना रनौत का ही नाम लेते क्योंकि कंगना में उनको एक बागी की छवि नज़र आती है। इस फिल्म में कंगना की फाइटिंग स्पिरिट को हाईलाइट किया जाएगा।

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मणिकर्णिका सिर्फ वीर रस की कहानी नहीं –

प्रसून जोशी फिल्म गब्बर इज बैक सहित कई फिल्मों को डायरेक्ट कर चुके कृष निर्देशित मणिकर्णिका में डायलॉग और गाने , प्रसून जोशी लिख रहे हैं । प्रसून ने बताया कि भले ही लक्ष्मीबाई को एक योद्धा के रूप में जाना जाता रहा है लेकिन ऐसा नहीं है कि इस फिल्म में सिर्फ वीर रास के गाने होंगे। वो रानी के पूरे चरित्र और उनके जीवन के इमोशंस को लेकर गाने और संवादों को अंजाम देंगे।

प्रसून जोशी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति पर बनने वाली फिल्में सिर्फ फिल्म फेस्टिवल में दिखाने के लिए नहीं बनाई जानी चाहिए। हमारे कल्चर को लेकर क्या गलत सही हुआ है, इस सोच को सबके सामने लाना जरुरी है।

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