नेपाल में पुलिस और माओवादियों में संघर्ष

माओवादी नेपाली सेना में शामिल ना किए जाने का विरोध कर रहे हैं.

माओवादी राष्ट्रपति के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें पिछले महीने देश के सेनाध्यक्ष को हटाने के फ़ैसले पर रोक
लगा दी थी.

राम बरन यादव के इस फ़ैसले की वजह से ही नेपाल में पहली बार बनी माओवादी नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी.

रविवार को राजधानी काठमांडू में प्रधानमंत्री कार्यालय के पास इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आँसू
गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

माओवादी प्रधानमंत्री कार्यालय को घेरने की कोशिश कर रहे थे. रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया जिसमें कई लोगों
को चोटे आई हैं.

प्रदर्शन तेज़

नेपाल में नई सरकार ने राष्ट्रपति के जनरल कटवाल को बर्ख़ास्त ना किए जाने के फ़ैसले को सही ठहराया जिसके बाद से माओवादियों ने
अपने प्रदर्शन और तेज़ कर दिए हैं.

प्रचंड नेपाल की पहली माओवादी सरकार में प्रधानमंत्री थे

सेनाध्यक्ष को हटाने के फ़ैसले पर रोक लगाने की वजह से ही चार मई को पुष्प कमल दहाल यानी प्रचंड ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा
दे दिया था.

इस्तीफ़े के साथ प्रचंड ने अपनी पार्टी को गठबंधन वाली सरकार से अलग कर लिया था. इसके बाद नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमल) के
नेता माधव कुमार नेपाल को नेपाल का नया प्रधानमंत्री चुना गया था.

तीन साल पहले माओवादियों ने मुख्यधारा में जुड़ने और शांति प्रक्रिया में शामिल होने के लिए हथियार डाल दिए थे.

प्रचंड ने कटवाल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पू्र्व माओवादियों को सेना में शामिल करने से इनकार कर दिया था.

प्रचंड के मुताबिक़ माओवादियों को सेना में शामिल करना शांति प्रक्रिया को जारी रखने के लिए ज़रूरी था.

Tags:
author

Author: