दोहरी नागरिकता पर राहुल गांधी के खिलाफ याचिका खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने के आरोप में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए.

 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एच एल दत्तु ने याचिकाकर्ता एमएल शर्मा को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा “किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जांच की मांग जनहित याचिका का विषय कैसे हो सकती है? आपने चुनाव आयोग में शिकायत क्यों नहीं की? आप निचली अदालत का भी दरवाज़ा खटखटा सकते थे. ”

 

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ”आप कहते हैं कि सीबीआई को शिकायत भेजी थी, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज याचिका में नहीं लगाया गया. मैं और दो दिन ही अपने पद पर रहने वाला हूँ. ऐसे मौके पर आपके खिलाफ कोई सख्त आदेश नहीं देना चाहता.” पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने इसी याचिका पर फौरन सुनवाई से भी इनकार कर दिया था .

 

क्या है दोहरी नागरिकता विवाद

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन में 2003 में बैकऑप्स नाम की कंपनी शुरू की थी. इस कंपनी के 2003 और 2004 के दस्तावेज में राहुल गांधी भारतीय नागरिक थे. जबकि 2005 और 2006 के दस्तावेज में राहुल की नागरिकता के आगे ब्रिटिश लिखा हुआ था.

 

सुब्रमण्यम स्वामी ने यह दावा भी किया था कि 2004 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के हलफनामे में कहीं भी बैकॉप्स कंपनी का जिक्र नहीं था. एबीपी न्यूज की जांच में भी यह दावा सही साबित हुआ था. अब राहुल की चुनौती के बाद भी स्वामी अपनी बात पर कायम हैं.

 

कांग्रेस पहले ही स्वामी के आरोपों को खारिज करती रही है अब राहुल ने पूरे मामले की जांच कराने की चुनौती थी. इंदिरा गांधी की जयंती पर हुए कार्यक्रम में राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि अगर उनके खिलाफ सबूत मिले तो उन्हें जेल में डाल दें. चमचों के जरिये न लड़ें.

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