चार साल बाद इस खिलाड़ी ने जड़ा पचासा, क्या विराट अपने उस बयान पर अटल रहेंगे?

चार साल बाद इस खिलाड़ी ने जड़ा पचासा, क्या विराट अपने उस बयान पर अटल रहेंगे?चार साल बाद इस खिलाड़ी ने जड़ा पचासा, क्या विराट अपने उस बयान पर अटल रहेंगे?

नई दिल्ली, शिवम् अवस्थी, [स्पेशल डेस्क]। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए वनडे सीरीज के पांचवें व अंतिम वनडे मुकाबले में जैसे ही टीम इंडिया ने जीत दर्ज की, सभी खिलाड़ियों ने आकर कप्तान विराट के साथ-साथ गर्मजोशी से दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज को बधाई दी और गले लगाया। इस खिलाड़ी ने बहुत बड़ी पारी तो नहीं खेली लेकिन साथी खिलाड़ियों के चेहरे पर जो उत्साह था उसकी वजह कुछ खास थी।

– चार साल बाद….

हम यहां बात कर रहे हैं 32 वर्षीय दिनेश कार्तिक की। गुरुवार को खेले गए वनडे मुकाबले में एक तरफ जहां विराट कोहली (नाबाद 111) शतक जड़कर हीरो बने, वहीं दूसरे छोर पर कार्तिक ने नाबाद 50 रनों की पारी खेलकर दिल जीता। कार्तिक ने कुल 52 गेंदों का सामना किया और पांच चौके जड़े। कार्तिक ने सीरीज के चौथे वनडे से तीन साल बाद वनडे क्रिकेट में वापसी की थी लेकिन उससे भी दिलचस्प बात ये है कि उनके बल्ले से चार साल बाद वनडे क्रिकेट में अर्धशतक निकला। कार्तिक ने आखिरी बार 26 जुलाई 2013 को हरारे में मेजबान जिंबाब्वे के खिलाफ 69 रनों की पारी खेली थी। उसके बाद अब जाकर उन्होंने वनडे फिफ्टी बनाई है।

– क्या अपनी बात पर अटल रहेंगे विराट?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सालों के आधार पर देखें तो वेस्टइंडीज गई वनडे टीम में युवराज सिंह के बाद सबसे अनुभवी खिलाड़ी दिनेश कार्तिक ही हैं। जी हां, पूर्व कप्तान धौनी से भी पहले उनके वनडे करियर का आगाज हो गया था। धौनी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज दिसंबर 2004 में हुआ था जबकि उसी साल सितंबर में कार्तिक के अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज हो चुका था। इसके बाद कार्तिक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, धौनी की किस्मत बुलंद थी और देखते-देखते विकेटकीपर-बल्लेबाज की इस जंग में धौनी आगे निकल गए, बहुत ज्यादा आगे निकल गए। सवाल यही है कि अब आगे क्या? धौनी को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है। कभी वो लाजवाब होते हैं तो कभी फ्लॉप। विकेटकीपिंग में उनका कोई जोड़ नहीं है लेकिन बल्लेबाजी में पिछले तीन-चार सालों में कई बार वो अपनी जिम्मेदारी से चूक गए। वहीं, दूसरी तरफ हैं सुपरस्टार युवराज सिंह जिनकी जगह कार्तिक को टीम में एंट्री मिली थी। जैसे ही युवी की वापसी होगी, कार्तिक का बाहर जाना तय लग रहा है। वहीं ऐसे में सवाल ये है कि क्या विराट अपने उस बयान पर टिके रहेंगे जिसमें उन्होंने कहा था कि वेस्टइंडीज के खिलाफ अंतिम दोनों वनडे में टीम इसलिए नहीं बदली गई क्योंकि खिलाड़ियों को कुछ मैचों का मौका देना जरूरी होता है। अचानक किसी को हटाकर किसी और (रिषभ पंत) को टीम में मौका नहीं दिया जा सकता। 

– घरेलू क्रिकेट में कार्तिक का प्रदर्शन

बेशक दिनेश कार्तिक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा मौका न मिला हो लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका संघर्ष लगातार जारी रहा है। कार्तिक ने 2002 में पहली बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा था और उसके बाद वो लगातार जमे रहे। अपने इस लंबे सफर के दौरान वो तमिलनाडु क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। कार्तिक ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 153 मैचों में 41.67 के औसत से 8918 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 213 रन का रहा है जबकि अपने इस फर्स्ट क्लास करियर में वो 25 शतक और 40 अर्धशतक जड़ चुके हैं। 

– जब आइपीएल में बने सबसे महंगे खिलाड़ी

दिनेश कार्तिक आइपीएल नीलामी के इतिहास में उन दिग्गजों में शामिल हैं जिनकी सबसे बड़ी बोली लगी हो। दिनेश कार्तिक को आइपीएल-2014 की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने 12.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। जो उस समय एक खिलाड़ी के लिए आइपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली थी। हालांकि अगले साल दिल्ली की टीम ने युवराज सिंह को 16 करोड़ रुपये में खरीदकर कार्तिक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

By
Shivam Awasthi 

Tags:
author

Author: