गोरखपुर हादसा : डॉक्टर राजीव मिश्रा और पत्नी को भेजा गया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

नई दिल्ली: गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनको  मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन न मिलने से 30 बच्चों की मौत के मामले में निलंबित कर दिया गया था उसके बाद एसटीएफ ने कानपुर से गिरफ्तार किया गया था. कानपुर की अदालत से ट्रांजिट रिमांड के बाद का रात गोरखपुर लाया गया था जहां पुलिस ने काफी देर तक पूछताछ की.

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इस मामले में यूपी के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अपनी रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला, 100 बिस्तरों के वार्ड के प्रभारी डॉक्टर काफिल और एनेस्थेसिया डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉक्टर सतीश सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी. प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 308, 409,120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उनके ऊपर बच्चों की मौत, घूसखोरी और साजिश रचने का आरोप लगाया है.

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वहीं उनकी डॉक्टर राजीव मिश्रा की पत्नी पूर्णिमा शुक्ला जो कि इसी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक हैं, उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचारण निवारण के अधिनियम के तहत 7/13 और आईपीसी की धारा 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.  आपको बता दें कि बीआरडी कॉलेज में बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले तीन दिनों में 63 बच्चों की मौत हो गई है. लेकिन मेडिकल नए प्रिसिंपल डॉक्टर पीके सिंह का कहना है कि यह आम बात है. उनका तर्क है कि बच्चों को ज्यादा गंभीर हालत में लाया जाता है इसलिए उनकी मौत हो जाती है.

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