ऐसा है भारत-बांग्लादेश मैच का रोमांच, अब पत्रकारों से पूछे जा रहे हैं ऐसे सवाल

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बर्मिघम, अभिषेक त्रिपाठी। बांग्लादेशी टीम को खुद को टाइगर कहलवाना पसंद है, लेकिन उसके लिए समस्या यह है कि गुरुवार को एजबेस्टन स्टेडियम में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में उसके सामने असली बब्बर शेर होंगे, जिन्होंने कई बार उनकी उम्मीदों को छितर-बितर किया है। पिछले कुछ सालों में बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ है और उसने बड़े टूर्नामेंटों के नॉकआउट मुकाबलों में पहुंचना शुरू किया है।

संयोग से जब-जब वह बड़े खिताब को जीतने के लिए आगे बढ़ा तब-तब पड़ोसी भारत ने उसका रास्ता रोका। पिछले साल टी-20 विश्व कप का मुकाबला हो या 2015 विश्व कप का क्वार्टर फाइनल। दोनों ही मैचों में भारत से हारने के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ी, प्रशंसक, अधिकारी और यहां तक कि वहां की मीडिया बौखला गई। इस बार भी कुछ ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि भारतीय टीम पड़ोसियों के मुकाबले काफी मजबूत है। हमारे पड़ोसी इस मैच को किस हद तक ले रहे हैं इस का उदाहरण इस बात से मिलता है कि जब कुछ भारतीय पत्रकार बर्मिघम स्टेडियम में बांग्लादेशी टीम के अभ्यास सत्र में पहुंचे तो वहां के एक पत्रकार ने तंज कसा कि इस बार जीतने के लिए कुमार धर्मसेना को कितने रुपये दिए हैं? पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर धर्मसेना सेमीफाइनल मैच में अंपायरिंग करेंगे।

ऑस्ट्रेलिया में 2015 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जब भारत ने बांग्लादेश को हराया था तो उनकी टीम ने खराब अंपायरिंग का रोना रोया था। उस समय आइसीसी के मुखिया भारत के एन. श्रीनिवासन थे। तब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुखिया ने आइसीसी में अपने पद से इस्तीफे तक की धमकी दी थी। भारत ने इस टीम को 2015 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल के अलावा 2011 विश्व कप के पहले गु्रप मैच में भी हराया था।

रोमांचक हुआ बांग्लादेश के साथ मैच: इस चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की भिड़ंत अब तक अपने दो पड़ोसियों से हो चुकी है। उसने पहले मैच में पाकिस्तान को आसानी से हराया तो दूसरे मुकाबले में उसे श्रीलंका से हारना पड़ा। अब सेमीफाइनल में उसे अपने तीसरे पड़ोसी बांग्लादेश से मुकाबला करना है। इसमें कोई शक नहीं कि बांग्लादेश उलटफेर करने में माहिर है। वह न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम को हराकर अंतिम चार में पहुंची है। किसी को ऐसा नहीं लग रहा था कि वह यहां तक पहुंचेगी, क्योंकि उसके पूल में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमें थीं। इस टीम ने पिछले कुछ सालों में ऐसे कारनामे किए हैं कि उसे क्रिकेट की सबसे बड़ी उलटफेर करने वाली टीम कहा जा सकता है। यही कारण है कि यह मुकाबला भारत-पाक मुकाबले से भी ज्यादा रोमांचक हो गया है, क्योंकि इन दोनों के बीच हुए पिछले मुकाबलों में इतना विवाद हुआ है कि प्रतिद्वंद्विता काफी गहरी हो गई है।

मैदान के बाहर भी चली जंग: भारत ने पिछले साल बेंगलुरु में टी-20 विश्व कप मुकाबले में बांग्लादेश को हैरतअंगेज तरीके से एक रन से हरा दिया था। अगर यह मैच भारत हार जाता तो वह टी-20 विश्व कप से लगभग बाहर हो जाता, क्योंकि अपने ही घर में यह टीम न्यूजीलैंड से पहले मुकाबले में हार चुकी थी। लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अद्भुत रन आउट करके मैच का रुख जीत की तरफ मोड़ दिया। हालांकि इसके बाद सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने मेजबानों को हराकर बाहर कर दिया। भारत से मिली हार से आहत तत्कालीन बांग्लादेशी कप्तान मुशफिकुर टीम इंडिया की हार से इतना खुश हुए कि उन्होंने ट्विटर पर एक फोटो पोस्ट कर लिखा कि अब हुई खुशी.. भारत सेमीफाइनल में हार गया। काफी आलोचना के बाद मुशफिकुर को वह फोटो हटानी पड़ी। बांग्लादेशी खिलाड़ी ही नहीं वहां के प्रशंसक भी टीम इंडिया के खिलाफ काफी आक्रामक हो गए हैं।

टी-20 विश्व कप के दौरान ही बांग्लादेशी प्रशंसकों ने एक फोटो वायरल की जिसमें उनके गेंदबाज तस्कीन अहमद हाथों में तत्कालीन भारतीय कप्तान धौनी का कटा सिर पकड़े हुए दिखाई दे रहे थे। इस फोटो से बांग्लादेश की काफी खिल्ली उड़ी थी। यही नहीं 2015 में अपने देश में भारत को 2-1 से वनडे सीरीज हराने के बाद वहां के प्रशंसकों ने भारतीय खिलाडि़यों की फोटो शॉप से सिर मुंडाए फोटो वायरल की थीं।

बड़े मुकाबलों का शेर है भारत: दो बार विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम आइसीसी की सभी ट्रॉफी जीत चुकी है, जबकि बांग्लादेश सीनियर क्रिकेट में पहली बार आइसीसी के किसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचा है। इससे पहले उसकी अंडर-19 टीम एक बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी। गतविजेता भारत से बांग्लादेशी इसलिए और चिढ़ने लगे हैं, क्योंकि जब भी वह क्रिकेट की दुनिया में कुछ बड़ा करना चाहता है तो टीम इंडिया उसका रास्ता रोक लेती है। पिछले साल टी-20 विश्व कप में अपने ही घर में बांग्लादेश को एक रन से हराने वाली भारतीय टीम ने 2009 टी-20 विश्व कप में ग्रुप ‘ए’ मैच में भी इस टीम को 25 रन से हराया था। 2014 टी-20 विश्व कप में भारत ने उनको उन्हीं के घर में ग्रुप-दो के मुकाबले में आठ विकेट से हराया। पिछले साल टी-20 फॉर्मेट में हुए एशिया कप के फाइनल में भी उसे भारत ने उसके घर में ही आठ विकेट से हराया। इस टूर्नामेंट के लीग मुकाबले में भी भारत ने बांग्लादेश को हराया था।

कमजोर नहीं है बांग्लादेश: यह सच है कि बांग्लादेश टीम भारतजितनी मजबूत नहीं है, लेकिन विराट एंड कंपनी को उसे कमजोर समझने की भी भूल नहीं करनी चाहिए। इसी टीम ने वेस्टइंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन में 2007 विश्व कप में भारत को पांच विकेट से हराया था। उस मैच में सौरव गांगुली (66) और युवराज सिंह (47) के अलावा कोई बल्लेबाजी नहीं कर पाया और टीम इंडिया 49.3 ओवर में 191 रनों पर ऑलआउट हो गई। बांग्लादेश की तरफ से तमीम इकबाल (51), मुशफिकुर रहीम (56) और शाकिब अल हसन (53) ने लाजवाब पारी खेली। इसी विश्व कप में बांग्लादेश ने सुपर-8 के मैच में दक्षिण अफ्रीका को धो डाला। भारत-बांग्लादेश में खेले गए 2011 विश्व कप में ग्रुप-बी के मुकाबले में इस टीम ने चटगांव में इंग्लैंड को दो विकेट से पराजित किया। ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में खेले गए 2015 विश्व कप में भी बांग्लादेश ने इंग्लैंड को 15 रन से पराजित किया। खास तौर पर 2015 उसके लिए बेहतरीन साल रहा। उसने इस साल ढाका में 17 अप्रैल को पाकिस्तान को 79 रनों, 19 अप्रैल को सात विकेट और 22 अप्रैल को आठ विकेट से मात दी। इसके बाद भारत के खिलाफ ढाका में ही तीन वनडे मैचों की सीरीज 2-1 से जीती। बांग्लादेश ने इसके बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम को अपने घर में 2-1 से वनडे सीरीज में पराजित किया। इसी साल उसने घरेलू सीरीज में जिंबाब्वे को 3-0 से हराया।

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Pradeep Sehgal 

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