एचएस प्रणय को है बड़ी जीत की उम्मीद

एचएस प्रणय को है बड़ी जीत की उम्मीद

नई दिल्ली, प्रेट्र। चोटों से परेशान रहे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय ने कहा कि उन्हें पता है कि कैसे वापसी करनी है और वह महसूस कर सकते हैं कि उनके लिए कुछ बड़ा होने वाला है। 

युवा ओलंपिक 2010 में रजत पदक जीतकर सुर्खियां बटोरने के बाद से प्रणय को कई बार चोटों के कारण बाहर होना पड़ा जिससे उनकी ट्रेनिंग और प्रगति प्रभावित हुई। यह पूछने पर कि क्या वह अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खेल रहे हैं, प्रणय ने कहा, ‘सर्वश्रेष्ठ को लेकर मैं स्पष्ट नहीं हूं, मेरा मानना है कि मेरे अंदर काफी क्षमता है और मैं इससे कहीं बेहतर स्तर पर खेल सकता हूं। बेशक काफी चोटों के कारण मेरे सामने रुकावटें आईं, इसलिए इन चोटों के कारण मैं कुछ विशिष्ट ट्रेनिंग नहीं कर पाया।

प्रणय को राष्ट्रीय प्रतियोगिता से ठीक पहले 2011 में घुटने में चोट लगी थी, जबकि 2012 में उनकी पीठ में चोट लगी जिससे उबरने में छह महीने से अधिक का समय लगा। उन्होंने 2013 और 2014 में प्रभावी प्रदर्शन किया और 2015 में चोटों से परेशान रहने के बावजूद करियर की सर्वश्रेष्ठ 12वीं विश्व रैंकिंग हासिल करने में सफल रहे। उन्होंने इससे उबरते हुए 2016 में स्विस ओपन जीता, लेकिन सिंगापुर ओपन में पैर में चोट लगी और वह थामस कप में नहीं खेले। प्रीमियर बैडमिंटन लीग में प्रणय बेहतरीन फॉर्म में थे, लेकिन घुटने और पैर की अंगुली की चोट ने उन्हें एक बार फिर परेशान किया। 

प्रणय के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं जिस पर उन्होंने कहा, ‘लोग आलोचना कर सकते हैं कि मेरे पास इतना अच्छा खेल है, लेकिन मेरे प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है। मुझे लगता है कि उन्हें समझना होगा कि हमें इतनी चोटें लगती हैं जिसके बारे में उन्हें नहीं पता होता और हर बार वापसी करते हुए ट्रेनिंग करके शीर्ष-20 में जगह बनाना आसान नहीं होता। किसी भी टूर्नामेंट में पहला राउंड मेरे लिए महत्वपूर्ण होता है। यदि मैं टूर्नामेंट के हालातों से अच्छे से परिचित हूं और पहले राउंड से पार पा लेता हूं तो यह मेरा दिन हो सकता है।

 

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Sanjay Savern 

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