एक कंगारू इनको समझ गया और भारत के लोग ही करते रह गए आलोचना

एक कंगारू इनको समझ गया और भारत के लोग ही करते रह गए आलोचनाएक कंगारू इनको समझ गया और भारत के लोग ही करते रह गए आलोचना

[स्पेशल डेस्क], नई दिल्ली। मंगलवार रात पुणे और मुंबई के बीच आइपीएल-10 का पहला क्वालीफायर मुकाबला खेला गया। इस मैच में बहुत सी दिलचस्प चीजें हुईं। वॉशिंगटन सुंदर सबसे कम उम्र (17 साल) के मैन ऑफ द मैच बने, पुणे ने लीग की नंबर.1 टीम मुंबई को उसी के घर में हराया, टूर्नामेंट के फाइनल में पहली बार पहुंची पुणे की टीम..इन तमाम शानदार चीजों के बीच एक ऐसी भी चीज रही जिसे कुछ लोगों ने दबी जुबां बोलना ही बेहतर समझा।

परफेक्ट खिलाड़ी ने फिर दिखाया कमाल

हम यहां बात कर रहे हैं महेंद्र सिंह धौनी की। उनको पुणे की कप्तानी से जब हटाया गया तो मीडिया से लेकर कई दिग्गजों ने ये तक कहा कि ये उनके संन्यास लेने का सही समय है। जब टूर्नामेंट में वो बल्लेबाजी में फ्लॉप हुए तो सभी ने उनकी जमकर आलोचना की और कुछ ने उनकी बढ़ती उम्र को भी जरिया बना डाला। हालांकि धौनी ने कल रात मुंबई के खिलाफ एक बार फिर दिखा दिया कि जब टीम को बड़े मैच में उनकी जरूरत होती है तो वो जरूर दम दिखाते हैं। धौनी ने मुंबई के खिलाफ पहले क्वालीफायर में 26 गेंदों पर नाबाद 40 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 5 छक्के शामिल थे। अंत में धौनी की पारी के दम पर ही स्कोर 162 रन तक पहुंचा। मुंबई ने जवाब में 142 रन बनाए और 20 रन से मैच गंवा दिया। अगर धौनी ने अंत में तेज पारी न खेली होती तो शायद नतीजा कुछ और होता।

एक ऑस्ट्रेलियाई समझ गया, हम नहीं..

पुणे के ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ को जब कप्तान बनाया गया तो वो इस बात को अच्छी तरह समझते थे कि धौनी की टीम में मौजूदगी कितनी अहम होगी। हर मैच में वो धौनी से सुझाव लेते नजर आए और कल रात मुंबई के खिलाफ भी ये नजारा आम था। यही नहीं, कुछ ही दिनों पहले जब धौनी के फॉर्म पर निशाना साधते हुए स्टीवन स्मिथ से सवाल पूछे गए तो

इस पर स्मिथ ने साफ कहा कि धौनी एक अद्भुत खिलाड़ी हैं और बड़े मैच में जरूर उनकी टीम के काम आएंगे। मंगलवार रात बड़ा मैच आया और स्मिथ का भरोसा साबित हो गया। कुछ कमेंटेटर जो कुछ दिन पहले तक धौनी पर सवाल उठा रहे थे, वही कमेंटेटर कल रात मैच के बाद तारीफों के गीत गाते नजर आ रहे थे।

धौनी है, तो फाइनल तय है

आज दुनिया जानती है महेंद्र सिंह धौनी जैसा कप्तान न कोई हुआ है और न फिलहाल कोई नजर आ रहा है। वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप, दो बार आइपीएल खिताब, चैंपियंस लीग खिताब और चैंपियंस ट्रॉफी। वो अब तक जिस भी टीम से जुड़े हैं उस टीम ने फाइनल तक का सफर जरूर तय किया है। बस फर्क इतना है कि इस बार वो कप्तान नहीं हैं लेकिन ये इतिहास में तो लिखा ही जाएगा कि धौनी जिस भी टीम से जुड़े वो फाइनल तक जरूर पहुंची। इस बार तो एक ऐसी टीम जो सिर्फ दो सालों के लिए आइपीएल से जुड़ी थी और ये उस टीम का अंतिम साल था। 

– शिवम् अवस्थी

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