आखिरी मैच में जीत हासिल कर सीरीज़ पर कब्ज़़ा करना चाहेगा भारत, धौनी पर होंगी सबकी निगाहे

आखिरी मैच में जीत हासिल कर सीरीज़ पर कब्ज़़ा करना चाहेगा भारत, धौनी पर होंगी सबकी निगाहेआखिरी मैच में जीत हासिल कर सीरीज़ पर कब्ज़़ा करना चाहेगा भारत, धौनी पर होंगी सबकी निगाहे

किंगस्टन (जमैका), प्रेट्र: आलोचना का शिकार भारतीय बल्लेबाज गुरुवार को यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और अंतिम वनडे में पिछले मैच के निराशाजनक प्रदर्शन की भरपाई करते हुए सीरीज जीतने के इरादे से उतरेंगे। भारत ने तीसरे वनडे में जब 190 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी की शुरुआत की थी तो माना जा रहा था कि टीम अपने मजबूत बल्लेबाजी क्रम की बदौलत आसान जीत दर्ज करके सीरीज अपने नाम कर लेगी, लेकिन टीम को अंतत: धीमी पिच पर 11 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसके बाद भारत ने लगातार दो मैच जीतते हुए सीरीज में 2-0 की बढ़त ले ली, लेकिन चौथे वनडे में मिली अप्रत्याशित हार के चलते उसे पांचवें मैच तक सीरीज जीतने का इंतजार करना पड़ रहा है। अब सारा दारोमदार भारत के बल्लेबाजों पर होगा। वहीं, विंडीज ने सीरीज में अपनी बराबरी की उम्मीदों को जिंदा रखा है।

धौनी पर उठ रहे सवाल : बल्लेबाजों में सबसे अधिक निशाने पर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी आए। जिन्होंने बेहद धीमी बल्लेबाजी की और 114 गेंद में 54 रन की पारी के दौरान 70 गेंद खाली खेलीं। बड़ा शॉट खेलने के अपने पहले प्रयास में ही वह नाकाम रहे और कैच थमा बैठे। जिससे फिनिशर के रूप में उनकी भूमिका पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। तो ऐसे में धौनी पर सबकी निगाहें टिकी होंगी कि इस आखिरी वनडे मैच में वो किस तरह से वेस्टइंडीज़ पर पलटवार करते हैं। रवींद्र जडेजा भी खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौटे जिससे महत्वपूर्ण मौकों पर भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों की नाकामी एक बार फिर उजागर हुई।

शीर्ष क्रम ने जुटाए हैं रन : भारत के लिए अब तक शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे की अगुआई वाले शीर्ष क्रम ने अधिकांश रन बनाए हैं और टीम इंडिया चाहेगी कि ये दोनों अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखें। रहाणे सीरीज के चार मैचों में अब तक तीन अर्धशतक और एक शतक जड़ चुके हैं। एकादश में हो सकता है बदलाव :बल्लेबाजों के शॉट चयन की आलोचना करने वाले कप्तान विराट कोहली अगर मध्य क्रम में बदलाव करते हैं तो किसी को हैरानी नहीं होगी। चौथे वनडे में तीन साल से अधिक समय बाद भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले दिनेश कार्तिक प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे, लेकिन टीम प्रबंधन के सिर्फ एक विफलता के बाद उन्हें बाहर करने की संभावना नहीं है। यह देखना होगा कि पैर की मांसपेशियों में खिंचाव के बाद अनुभवी बल्लेबाज युवराज सिंह चयन के लिए उपलब्ध रहते हैं या नहीं। केदार जाधव को खुद को साबित करने के काफी मौके मिले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी है। वह अंतिम एकादश में जगह बचा पाते हैं या नहीं यह देखना होगा।

होल्डर की टीम का बढ़ा मनोबल : पिछले मैच में हैरानी भरी जीत से निश्चित तौर पर वेस्टइंडीज का मनोबल बढ़ा होगा और अब टीम सीरीज बराबर करने को बेताब होगी। हालांकि मेजबान टीम की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि भारतीय टीम शर्मनाक हार के बाद पलटवार करने को तैयार होगी। घरेलू टीम के सलामी बल्लेबाज इविन लुइस और काइल होप पिछले मैच में अच्छी शुरुआत दिलाने में सफल रहे और भारतीय गेंदबाजों को लगभग 20 ओवर तक सफलता से वंचित रखा। कप्तान जेसन होल्डर की अगुआई वाला गेंदबाजी आक्रमण पिछले मैच से प्रेरणा लेकर एक और जानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

By
Pradeep Sehgal 

Tags:
author

Author: