विंबलडन में बड़ा उलटफेर, क्वेरी से हारकर मरे बाहर, फेडरर सेमीफाइनल में

विंबलडन में बड़ा उलटफेर, क्वेरी से हारकर मरे बाहर, फेडरर सेमीफाइनल में

नई दिल्ली, जेएनएन। ‘फैब फोर’ में सिर्फ रोजर फेडरर ही लंदन में खेले जा रहे साल के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे। बुधवार को एंडी मरे क्वार्टर फाइनल में हार गए तो नोवाक जोकोविक चोट के चलते रिटायर हो गए। जबकि राफेल नडाल चौथे दौर में ही हारकर बाहर हो गए थे। आठ साल बाद ऐसा होगा जब किसी ग्रैंडस्लैम में इन चारों खिलाड़ियों में से सिर्फ एक ही सेमीफाइनल में पहुंचा। इससे पहले 2009 फ्रेंच ओपन में ऐसा हुआ था, तब भी फेडरर ही पहुंचे थे। तब उन्होंने खिताब भी जीता था।

ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप शुरू होने से पहले ही स्विस स्टार फेडरर को खिताब का दावेदार माना जा रहा था। सात बार के चैंपियन फेडरर ने अपने शानदार और दमदार खेल के दम पर रिकॉर्ड 12वीं बार अंतिम चार में पहुंचकर इस दावे को और पुख्ता कर दिया। 18 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन फेडरर ने अपने सौवें विंबलडन मैच में कनाडा के मिलोस राओनिक को 6-4, 6-2, 7-6 से पराजित किया। इसके साथ फेडरर ने पिछले साल उनसे सेमीफाइनल में मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। अगले महीने 36 साल के होने वाले फेडरर ने अभी तक टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया है। अब फाइनल में जगह बनाने के लिए फेडरर की भिड़ंत चेक गणराज्य के टॉमिक बर्डिच से होगी, जोकि सर्बियाई खिलाड़ी जोकोविक के चोट के चलते रिटायर होने से आगे बढ़े। तीन बार के चैंपियन दूसरी वरीय जोकोविक जब मैच से हटे उस समय 11वीं वरीय बर्डिच ने पहला सेट 7-6 से जीत लिया था और दूसरे में वह 2-0 से आगे थे।

आठ साल बाद क्वेरी : गत चैंपियन और दुनिया के नंबर खिलाड़ी एंडी मरे को अमेरिका के सैम क्वेरी के हाथों पांच सेट तक चले मुकाबले में 6-3, 4-6, 7-6, 1-6, 1-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। आठ साल बाद किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में पहुंचने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बने सैम का सामना अब क्रोएशिया के मारिन सिलिच से होगा। सैम से पहले 2009 में एंडी रॉडिक ने विंबलडन के ही अंतिम में पहुंचकर यह मुकाम हासिल किया था। पूरे टूर्नामेंट में हिप इंजरी से जूझने वाले ब्रिटिश खिलाड़ी मरे ने पहला सेट जीतकर शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद सैम ने दूसरा सेट जीतकर वापसी कर ली। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक अंक के लिए संघर्ष किया पर अंत में मरे ने इसे जीतकर फिर से बढ़त बना ली। हालांकि इसके बाद सैम के सामने वह टिक नहीं पाए। सैम की यह मरे के खिलाफ नौ मुकाबलों में सिर्फ दूसरी जीत है। यह लगातार दूसरा मौका है जब सैम ने विंबलडन चैंपियन को चौंकाया हो। पिछले साल उन्होंने गत चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविक को तीसरे ही दौर में बाहर का रास्ता दिखाया था।

11 प्रयास में पहली बार सिलिच : 28 वर्षीय सिलिच ने फ्रांस के जाइल्स मुलर को 3-6, 7-6, 7-5, 5-7, 6-1 से शिकस्त देकर 11 मौकों में पहली बार विंबलडन के अंतिम चार में प्रवेश किया। वह ओपन इरा में ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले उनके कोच जोनास बॉर्करमैन 13 प्रयास के बाद सेमीफाइनल में पहुंचे थे। आठवीं वरीय सिलिच चौथी बार किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में पहुंचे।

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Pradeep Sehgal 

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