बड़े सितारों को अब हम आधे घंटे वाले स्टार्स की जरुरत पड़ती है

बड़े सितारों को अब हम आधे घंटे वाले स्टार्स की जरुरत पड़ती है - दीपक डोबरियालबड़े सितारों को अब हम आधे घंटे वाले स्टार्स की जरुरत पड़ती है – दीपक डोबरियाल

मुंबई। इरफ़ान , कहानी और अपने परफॉर्मेंस स्पेस के चलते फिल्म हिंदी मीडियम में काम करने को तैयार हुए दीपक डोबरियाल के मुताबिक बड़े सितारों वाली फिल्म बनाते समय अब लोगों को समझ में आ गया है कि उनके जैसे सीन बनाने वाले किरदार ही फिल्म का कम से कम आधा घंटा बचा सकते हैं जो उस फिल्म के लिए बूस्टर का काम कर जाएगा।

साकेत चौधरी की फिल्म हिंदी मीडियम में एक अहम् रोल में नज़र आने जा रहे दीपक कहते हैं कि बड़े बजट के सितारों की फिल्मों की बजाय वो छोटे बजट की बढियां स्क्रिप्ट वाली फिल्में ज्यादा पसंद करते हैं। दीपक कहते हैं ” अब हमारे जैसे कलाकारों पर कोई 100 -200 करोड़ खर्च कर फिल्म तो बनाएगा नहीं। लेकिन बड़ी फिल्मों में अब हमारी पूछ इसलिए बढ़ गई है क्योंकि अब उन्हें अपना आधा घंटा बनाना होता है। वो चाहते हैं कि ऐसे आर्टिस्ट जरूर फिल्म में हो जो कम से कम आधा घंटा तक सीन्स को बेहतर बना कर फिल्म को संभाल लें।जिस पर वो पूरी गारंटी के साथ दांव लगा सकें। अपने हिसाब से इनिशिएटिव लेकर काम करना पड़ता है वो भी अलग अलग। हर जगह तो पप्पी जी ( तनु वेड्स मनु में दीपक का किरदार ) नहीं हो सकता। श्याम प्रकाश ( हिंदी मीडियम में किरदार ) भी जरुरी है।

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दीपक डोबरियाल के अनुसार हिंदी की एक रीच तो है लेकिन नार्थ वाले कन्फ्यूज हैं। उन्हें मातृभाषा का दिखावा करना सिखाया गया लेकिन सम्मान करना नहीं। दीपक की फिल्म हिंदी मीडियम इस शुक्रवार को रिलीज़ हो रही है।

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