ब्लॉग: प्रदूषण पर निगाहें, मोदी पर निशाना !

नई दिल्ली: एक दिन सम और दूसरे दिन विषम नंबर के वाहन चलाने संबंधी फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली के लोगों को ज्यादा परेशान नहीं किया जाएगा. मतलब केजरीवाल मान चुके हैं कि नई व्यवस्था से परेशानी होगी. दरअसल नई व्यवस्था के लाने का केजरीवाल का मूल मकसद दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार को परेशान करना है. केजरीवाल ने इसके लिए दिल्ली वालों को परेशान करने का रास्ता चुना है.

 

दिल्ली में करीब 85 लाख गाड़ियां पंजीकृत हैं. नोएडा-गाजियाबाद-गुड़गांव की गाड़ियां शामिल कर ली जाएं  तो करीब 1 करोड़ गाड़ियां इधर से उधर आती-जाती हैं. दिल्ली के पब्लिक ट्रासपोर्ट सिस्टम में इतनी क्षमता नहीं है कि वो नई व्यवस्था के तहत करीब एक करोड़ सवारियों को ढो सके. प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए जिस नई व्यवस्था का एलान किया गया है क्या केजरीवाल उसके प्रति गंभीर हैं?

 

केजरीवाल जिस नई व्यवस्था को लाने का एलान करते हैं उसे लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की है. केजरीवाल नई व्यवस्था का एलान तो कर देते हैं पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को इसके बारे में पता तक नहीं होता है. प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिस नई व्यवस्था की दिल्ली सरकार ने घोषणा की है उसे लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस अगर कानून व्यवस्था का काम काज छोड़ कर, कार चालकों के नंबर प्लेट चेक करने में जुट जाए तो वह कामयाब नहीं हो सकती है क्योंकि पुलिस के पास न ही कोई पुख्ता  मैकेनिज्म है और न ही उसके पास पूर्व तैयारी के लिए पर्याप्त समय.

 

एक दिन छोड़ कर गाड़ी चलाने वाली केजरीवाल की नई व्यस्था की कामयाबी दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन की मदद पर निर्भर करेगी पर दिल्ली के सीएम ने योजना बना ली पर दिल्ली मेट्रो से राय मशविरा तक नही किया. दिल्ली मेट्रो के लिए इतने कम समय में अतिरिक्त यात्रियों के लिए मेट्रो ट्रेन की व्यवस्था करना काफी मुश्किल है. यही हाल डीटीसी का है. घोषणा करते समय दिल्ली सरकार ने डीटीसी से भी कोई बात नहीं की.   

 

ईमानदारी की प्रतिमूर्ति अरविंद केजरीवाल को 70 में से 67 सीट दिलाने वाले दिल्ली के आम लोग चाहें तो इस नई व्यवस्था को अपनी ईमानदारी का परिचय दिखाते हुए कामयाब बना सकते हैं पर इसमें शक है वरना लोग केजरीवाल के फैसले का विरोध न करते.    

 

जाहिर है नई व्यवस्था फेल होने वाली है. अपनी इस नाकामयाबी का ठीकरा केजरीवाल दिल्ली पुलिस के माथे पर फोडेंगे और इसके लिए आख़िरकार मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश होगी.

Tags:
author

Author: