पाकिस्तान जाएंगी सुषमा स्वराज, पीएम नवाज शरीफ से करेंगी मुलाकात

नई दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अफगानिस्तान पर होने वाली एक बैठक के सिलसिले में मंगलवार को पाकिस्तान का दौरा करेंगी, जहां वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगी. भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा, “विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस्लामाबाद में नौ दिसम्बर को अफगानिस्तान पर होने वाली ‘हार्ट ऑफ एशिया’ की पांचवीं मंत्रीस्तरीय बैठक के लिए भारतीय दल की अगुवाई करेंगी.”

 

उधर, इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने सोमवार को कहा कि वह सुषमा से मिलने के लिए उत्सुक हैं.

 

समाचार पत्र ‘डेली पाकिस्तान’ ने अजीज के हवाले से कहा, “दोनों देशों के बीच विवादों के समाधान के लिए बातचीत ही एकमात्र उपाय है.”

 

इस सम्मेलन में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी हिस्सा लेंगे. सुषमा इस सम्मेलन में शिरकत करने के लिए जहां मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंचेंगी, वहीं गनी बुधवार को यहां पहुंचेंगे.

 

अजीज ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के साथ बाचतीत आगे बढ़ाने की दिशा में प्रगति हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के साथ भारत के संबंध आने वाले दिनों में और भी मजबूत होंगे.

 

उन्होंने कहा कि सुषमा और नवाज की मुलाकात के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद के बिंदुओं पर चर्चा होगी. साथ ही द्विपक्षीय समग्र बातचीत शुरू करने के लिए एक खाका तैयार किया जाएगा.

 

सुषमा का पाकिस्तान दौरा थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारत और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) की मुलाकात के बाद हो रहा है, जिसमें बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई गई थी.

 

बैंकॉक में हुई बैठक के बाद जारी किए गए एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर खान जंजुआ के बीच ‘सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक वातावरण में बातचीत हुई’.

 

बयान में कहा गया, “शांति और सुरक्षा, आतंकवाद, जम्मू एवं कश्मीर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई.”

 

उल्लेखनीय है कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में 30 नवंबर को हुए शिखर सम्मेलन के दौरान तय कार्यक्रम से इतर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच बहुत थोड़ी देर के लिए अनौपचारिक वार्ता हुई थी, जिसके बाद रविवार को बैंकॉक में एनएसए स्तर की बैठक हुई.

 

इसी वर्ष जुलाई में रूस के ऊफा में हुए शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) सम्मलेन के दौरान भी तय कार्यक्रम से इतर मोदी और शरीफ बीच बातचीत हुई थी और उसके बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच पेरिस में यह पहली मुलाकात थी.

 

सुषमा का यह पाकिस्तान दौरा 2012 के बाद पहली बार मंत्री स्तरीय पाकिस्तान दौरा है. 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने आखिरी बार पाकिस्तान का मंत्री स्तरीय दौरा किया था.

 

कांग्रेस ने दोनों देशों के बीच बैंकॉक में हुई एनएसए स्तर की बैठक के बारे में जानना चाहा है कि सरकार को इस्लामाबाद के साथ संबंधों के बारे में संसद में दिए गए बयान से विचलित करने के पीछे आखिर क्या वजहें हैं. कांग्रेस ने सरकार से संसद को विश्वास में लेने की मांग भी की.

 

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राज्य सभा में शून्य काल के दौरान कहा, “प्रधानमंत्री और सरकार को संसद को बताना चाहिए कि ऐसी कौन सी प्रगति हुई या ऐसे कौन से कारण रहे जिनकी वजह से सरकार को पिछले सत्र में इसी संसद में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर दिए गए अपने बयान से हटना पड़ा.”

 

सुषमा के पाकिस्तान दौरे पर आनंद शर्मा ने कहा, “यह संसद का अपमान है, क्योंकि संसद को इस यात्रा के बारे में विश्वास में नहीं लिया गया.”

 

संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आनंद शर्मा का जवाब देते हुए कहा कि विदेश मंत्री 10 दिसंबर को इस संबंध में एक बयान जारी करेंगी.

 

इस बीच जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूछा कि ‘क्या भारत इस दौरे पर कश्मीर मुद्दे पर बातचीत करेगा’, क्योंकि इससे पहले ऊफा में हुई बैठक के दौरान यह मुद्दा बिल्कुल भी नहीं उठाया गया था.

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