दुनिया को दिखाना था दम, तभी इस भारतीय बल्लेबाज़ ने खेली तूफानी पारी, रचा इतिहास

दुनिया को दिखाना था दम, तभी इस भारतीय बल्लेबाज़ ने खेली तूफानी पारी, रचा इतिहास

डर्बी, पीटीआइ : आइसीसी महिला विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत की नायिका रहीं भारतीय बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि वह इस मौके को भुनाकर खुद को साबित करना चाहती थीं। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी हरमनप्रीत ने 115 गेंदों में 20 चौके और सात छक्के लगाकर नाबाद 171 रन की अविश्वसनीय पारी खेली।

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनीं 28 वर्षीय हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा कि पूरे टूर्नामेंट में मुझे ठीक से बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। लेकिन जब इस मैच में मेरे पास मौका आया तो मैं इसका पूरा फायदा उठाना चाहती थी और खुद को साबित करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मैं भगवान का धन्यवाद करना चाहती हूं कि मैंने जैसा सोचा वैसा ही हो पाया। मिताली राज और वेदा कृष्णामूर्ति ने भी बहुत ही अच्छी पारियां खेलीं और दीप्ति ने भी मुझे सहयोग किया।

इस मैच से पहले हरमनप्रीत को पांच पारियों में सिर्फ 91 गेंदों का सामना करने का मौका मिला था। वीरेंद्र सहवाग को आदर्श मानने वाली हरमनप्रीत ने कहा कि मेरी योजना इस मैच में काफी सामान्य थी कि गेंद को देखो और उसे हिट करो। मैं जानती हूं कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज अच्छी दिशाओं में गेंदबाजी कर रही थीं, लेकिन मैं केवल स्ट्राइक रोटेट करते हुए बड़ा स्कोर करना चाहती थी।

गुस्से वाली घटना पर मांगी माफी : मैच के दौरान दीप्ति शर्मा पर गुस्से होने वाली घटना के लिए हरमनप्रीत ने माफी मांगी। उन्होंने मैं अपना विकेट नहीं गंवाना चाहती थी। मैं यह भी नहीं चाहती थी कि वह अपना विकेट खो दें। लेकिन हम जीतकर बहुत खुश हैं।

बिग बैश में खेलने वाली पहली भारतीय : हरमनप्रीत पहले ही खुद को टी-20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाज के तौर पर स्थापित कर चुकी हैं। वह बिग बैश लीग और किया सुपर लीग में खेलने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं।

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Pradeep Sehgal 

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