टीम पर हमले के मामले में गिरफ़्तारी

मार्च में लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया था

कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने इस साल तीन मार्च को घात लगाकर ये हमला किया था. पाकिस्तान के दौरे पर गई श्रीलंकाई टीम के सदस्य बाल-बाल
बच गए थे.

इस हमले में छह पुलिसकर्मी और बस का एक ड्राइवर मारे गए थे. टीम के कुछ सदस्यों समेत कई अन्य घायल हो गए थे.

हमले की तस्वीरें

लाहौर के पुलिस प्रमुख परवेज़ राठौर ने दावा किया, “हमने पंजाबी तालेबान के एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है और एक हमलावर को गिरफ़्तार
किया है जिसने एक पुलिकर्मी पर गोली चलाकर उसकी हत्या की थी.”

‘पंजाबी संगठन तहरीक-ए-तालेबान’

 हमने पंजाबी तालेबान के एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है और एक हमलावर को गिरफ़्तार किया है जिसने एक पुलिकर्मी पर गोली चलाकर उसकी
हत्या की थी

राठौर का कहना था कि गिरफ़्तार किया गया व्यक्ति प्रतिबंधित पंजाबी संगठन तहरीक-ए-तालेबान का सदस्य था. इस व्यक्ति को भी संवाददाता
सम्मेलन के दौरान पेश किया गया. इसका चेहरा किसी कपड़े से पूरी तरह ढका हुआ था.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता सईद शोएब हसन का कहना था कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी पंजाबी तालेबान संगठन को पाकिस्तान में
किसी बड़े हमले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

उनका कहना है कि अब तक तालेबान शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित जेहादी संगठनों के लिए इस्तेमाल होता था और माना जाता था कि ये पाकिस्तान
के क़बायली इलाक़ो तक ही सीमित हैं.

चाहे उस समय पुलिस द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा की ख़ासी आलोचना हुई थी लेकिन लाहौर के पुलिस आयुक्त ख़ुसरो परवेज़ ने पुलिस की
कार्रवाई का बचाव किया था और ध्यान दिलाया था कि पुलिस अधिकारी श्रीलंकाई टीम की बस को बचाते हुए मारे भी गए थे.

Tags:
author

Author: