झारखंड : गांव वालों की अनोखी पहल, आधार नहीं तो हमारा आधार नाम से शुरू किया अभियान

नई दिल्‍ली: झारखंड में भूख से पिछले कुछ हफ्तों में तीन मौतें हो चुकी हैं. राज्य के लाखों गरीब लोगों का नाम राशन कार्ड की लिस्ट से हटाया दिया है जिसकी वजह से कई परिवार भुखमरी से जूझ रहे हैं. अब ऐसे गरीब ज़रूरतमंद परिवारों को भुखमरी से बचाने के लिए गांव वालों ने एक नायाब तरीका ढूंढ़ निकाला है. रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर खूंटी ज़िले के बुरूडीह गांव में स्थानीय लोगों ने ये पहल की है. जिनके नाम राशन कार्ड की लिस्ट से झारखंड सरकार ने हटा दिए, उनको अपनी ओर से अनाज मुहैया कराने के लिए ये लोग चंदा इकट्ठा कर रहे हैं. ताकि कोई भूख से ना मरे. बुरूडीह गांव के वार्ड सदस्य, लेबारा टूटी ने कहा, “हमारे गांव में गरीबी बहुत है. हमलोगों के यहां बहुंत सारे लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है. सरकार ध्यान नहीं दे रही है. इसलिए हमलोग गांव में जो गरीब लोग हैं उनलोगों को एक मुठ्ठी चावल जमा करके देते हैं.’

बुरूडीह गांव में 75 घर हैं. इन्ही में एक घर 35 साल की रनिया टूटी का है. घर में 4 लोग हैं. सब मज़दूरी करते हैं. परिवार में न किसी का आधार कार्ड है और न परिवार का राशन कार्ड. रानिया टूटी कहते हैं, “हमलोगों को बहुत दिक्कत है. हम लोगों को राशन नहीं मिलता है…राशन कार्ड हमारा बना ही नहीं है.”

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इसी गांव के रामसिंह की कहानी भी मिलती-जुलती है. घर में पांच लोग हैं. महीने में राम सिंह 3-4,000 रुपये कमा लेते हैं. इनके पास राशन कार्ड है और वो पहले राशन लिया करते थे. लेकिन आधार ना होने की वजह से उनका नाम राशन कार्ड की लिस्ट से कट गया. पिछले कई महीनों से आधार बनवाकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन अभी तक इसे राशन कार्ड से लिंक नहीं करा पाए हैं. इनको भी सस्ता राशन नहीं मिल रहा है.

राम सिंह कहते हैं, “राशन पहले मिलता था. लेकिन जब लेने गए तो बताया कि तुमहारा राशन नहीं मिलेगा. आधार कार्ड और राशन कार्ड जमा करने के बाद भी अभी तक सस्ता अनाज नहीं मिला.” इसकी नतीजा ये हुआ है कि घर में उनका और उनकी बहन की पढ़ाई रुक गयी है. गांव वालों के मुताबिक 75 परिवारों में से ऐसे 17-18 घरों के राशन कार्ड रद्द हो चुके हैं.

VIDEO: ग्राउंड रिपोर्ट : ‘आधार’ मिला तो राशन कार्ड छिना

अब खाद्य मंत्रालय ने झारखंड में भुखमरी के बढ़ते मामले देखते हुए राज्य सरकारों को नया दिशा-निर्देश जारी किया है. इसके मुताबिक आधार न होने पर भी सबको राशन कार्ड का लाभ दिया जाए. यानी आधार को राशन के लिए अनिवार्य न बनाया जाए. झारखंड में तीन मौतों के बाद केंद्र सरकार ने ये पहल की है. लेकिन आज एक बड़ा सवाल है कि क्या अब भी गरीबों को सस्ते राशन की गारंटी मिल पाएगी? क्योंकि इस आदेश से पहले भी कानून यही था- न आधार राशन कार्ड के लिए ज़रूरी था, न अनाज के लिए आधार जरूरी था.

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