चेन्‍नई बाढ़: पटरी पर लौट रही ज़िंदगी, रेल एवं हवाई सेवाएं बहाल

नई दिल्ली: भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित चेन्नई में हालात अब सामान्य होते दिख रहे हैं. सोमवार को यहां पर कई दुकानें खुली दिखीं और कई इलाकों में जलभराव कम होने के चलते सफाई अभियान चलाया गया.ऑटो-रिक्शा सेवा और सार्वजनिक परिवहन दोबारा शुरू होने से हालांकि लोगों को थोड़ी आसानी हो गई.

 

चेन्नई में बारिश का सिलसिला थम गया है, लेकिन तिरूवारुर, नागपट्टनम और कडलूर जिलों सहित तमिलनाडु के कई हिस्सों में अब भी बारिश हो रही है. मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का नया क्षेत्र बन रहा है. चेन्नई में अभी स्कूल और कॉलेज नहीं खुले हैं.

 

बचाव के लिए अनोखी गाड़ी

 

चेन्नई में बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए खास तरह की गाड़ी का इस्तेमाल हो रहा है. ये गाड़ी सड़क के अलावा पानी में भी चल सकती है.

 

विमान और ट्रेन सेवा पूरी तरह शुरू

विमान और रेल सेवा पूरी तरह शुरू हो चुकी है. केंद्रीय उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने भी आज चेन्नई एयरपोर्ट का मुआयना किया. चेन्नई के कई इलाकों से पानी उतर चुका है. लेकिन रामनगर जैसे इलाकों में हालात अब भी सुधरे नहीं हैं. यहां के ज्यादातर लोगों के पास खाने पीने की कमी है, ऐसे में राहत बचाव में लगा दस्ता नाव से घरों तक खाना पहुंचा रहा है.

 

इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि बाढ़ की वजह से जिन लोगों के पासपोर्ट खो गए हैं वो चेन्नई में पीएसके सेंटर पर जाकर निशुल्क अपना नया पासपोर्ट बनवा सकते हैं.

 

बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला को बचाया

चेन्नई में बाढ़ में फंसी एक गर्भवती महिला को वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया. महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया. रेस्क्यू ऑपरेशन की ये तस्वीरें चेन्नई के रामनगरम की हैं. देखें वीडियो:

 

इस इलाके के लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे ही लोगों में एक गर्भवती महिला भी थी जिसे सेना के जवानों ने हेलिकॉप्टर की मदद से बचाया. बाढ़ से बचने के लिए महिला ने घर की छत पर शरण ले रखी थी. हेलिकॉप्टर ने छत से ही उसे उठाया और फौरन रामचंद्रन के अस्पताल पहुंचा दिया. बाद में खबर मिली कि इस महिला ने अस्पताल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया.

 

तमिलनाडु बाढ़ पीड़ितों को 10 हजार रुपये नकद देने का आदेश

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बाढ़ से तबाही के बाद हालात अब सुधर रहे हैं लेकिन सैकड़ों लोग अब भी फंसे हुए हैं. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने सोमवार को बाढ़ में घरवीहिन हुए लोगों के लिए 10,000 रुपये की राहत राशि, 10 किलोग्राम चावल, एक साड़ी और एक धोती दिए जाने की घोषणा की. अपने स्थायी घरों में रह रहे, लेकिन बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए 5,000 रुपये नकद, 10 किलोग्राम चावल, एक साड़ी और एक धोती दिए जाने की घोषणा की गई है.

 

जयललिता ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि घरविहीन हुए लोगों के लिए 10,000 अस्थायी घर आवंटित किए जाएंगे, जबकि जिन लोगों की झोंपड़ियां बाढ़ में बह गईं उनके लिए नए मकान बनाए जाएंगे.

 

वक्तव्य के अनुसार, बाढ़ में जिनके पशु मरे हैं उन्हें मुआवजे के तौर पर 10,000 रुपये (गोजातीय पशु के मामले में), 3000 रुपये (बकरी और सुअर के मामले में) और मुर्गा/मुर्गी के मरने की दशा में 100 रुपये दिए जाएंगे.

 

किसानों को बाढ़ के कारण हुई हानि से बचाने के लिए जिन किसानों की धान की फसल को 33 फीसदी नुकसान पहुंचा है उन्हें 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से और जिन किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है उन्हें 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा.

 

उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर से दो सप्ताह के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे जिसमें भूमि के मालिकाना हक की प्रतिलिपि, शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की प्रतिलिपि, एलपीजी कनेक्शन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड तथा बैंकों के पासबुक निशुल्क जारी किए जाएंगे.

 

जयललिता ने बताया कि 13,80,461 लोग चेन्नई, कुड्डालोर, तिरुवल्लूर और कांचिपुरम जिलों में लगाए गए 5,554 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

 

उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राज्य में कुल 80,120 राहत एवं बचाव कर्मी लगे हुए हैं, जिनमें जल, थल और वायु सेना के जवान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन सेवा, तटरक्षक बल, पुलिस और अन्य राहत कर्मी शामिल हैं.

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