केरल के मशहूर फिल्मकार का दावा, ‘मदरसे में टीचर ने किया था यौन शोषण’

तिरूवनंतपुरम: केरल में मदरसों में यौन शोषण की रिपोर्ट के बीच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मकार ने आज दावा किया कि वह भी मदरसे में बाल उत्पीड़न में शिकार रहे हैं.

 

अली अकबर का दावा ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले केरल की पत्रकार ने खुलासा किया कि अपने बचपन में वह मदरसे में यौन उत्पीड़न की चश्मदीद रही है.

 

साल 1996 में अपनी गैर फीचर फिल्म ‘राबिया चालीक्कुनू’ को लेकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पाने वाले मलयालम निर्देशक ने कहा, ‘‘मैं जब आठ साल का था तब एक उस्ताद ने मेरा उत्पीड़न किया.’’ अकबर ने कहा, ‘‘यह घटना वायनाड में मेरे मूल स्थान मीनागडी के एक मदरसे में हुई. मैं झगड़कर उस व्यक्ति से अपने आप को छुराया . ’’ उन्होंने दावा किया कि मदरसे में उनके कई सहपाठी भी ऐसे उत्पीड़न से गुजरे.

 

उन्होंने कहा कि लेकिन उनके समेत कोई भी बच्चा उस समय अपने माता पिता के सामने इन बातों को उद्घाटित नही कर पाया क्योंकि उस्ताद पारंपरिक मुस्लिम परिवारों में बड़े सम्मान की नजर से देखे जाते रहे हैं .

 

केरल सरकार से सर्वश्रेष्ठ नये फिल्म का पुरस्कार ग्रहण कर चुके अकबर ने कहा कि मदरसे में बच्चों के यौन शोषण के बारे में पत्रकार वी पी रजीना के खुलासे के बाद उन पर हो रहे ऑनलाइन हमले के आलोक में उन्होंने अब इन बातों का खुलासा करने का फैसला किया.

 

रजीना ने मदरसों में होने वाली इन घटनाओं के बारे में पिछले सप्ताह फेसबुक पर लिखा था जिसके बाद उन्हें अपने समुदाय के सदस्यों का कोपभाजन बनना पड़ा.

 

अकबर ने कहा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि मेरे खुलासे से कम से कम एक बच्चे को उठ खड़े होने और मदरसों में इस प्रकार के उत्पीड़न को ना कहने का उसमें विश्वास पैदा होगा. ’’ अकबर 20 से अधिक मलयालम फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं.

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