कप्तान विराट के सामने अब खड़ा होगा ये नया संकट, क्या होगा फैसला?

कप्तान विराट के सामने अब खड़ा होगा ये नया संकट, क्या होगा फैसला?कप्तान विराट के सामने अब खड़ा होगा ये नया संकट, क्या होगा फैसला?

शिवम् अवस्थी, नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। टीम इंडिया इस समय शानदार फॉर्म में है और श्रीलंकाई टीम को हर मैच की हर पारी में बेबस करती नजर आ रही है। बल्लेबाजों से लेकर गेंदबाजों तक सब अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। अब जब सब कुछ अच्छा चल रहा है तो भला विराट के सामने संकट कैसा? 

– ये है नया और ‘विराट’ संकट

हम यहां जिस संकट की बात कर रहे हैं वो संकट भविष्य से जुड़ा है। भारत और श्रीलंका के बीच इस समय टेस्ट सीरीज का तीसरा व अंतिम मुकाबला खेला जा रहा है। इसके बाद भारत अगली टेस्ट सीरीज सीधे दिसंबर में इसी श्रीलंकाई टीम के खिलाफ खेलेगा, बस फर्क इतना होगा कि उस समय श्रीलंका भारतीय जमीन पर खेलने आएगी। अब बात करते हैं उस संकट की। दरअसल, दूसरे मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ रहने वाले रवींद्र जडेजा पर एक मैच का बैन लगा तो विराट ने टीम में युवा चाइनामेन गेंदबाज कुलदीप यादव को टीम में शामिल कर लिया। अब कुलदीप यादव ने एक बार फिर कमाल दिखा दिया है। वो अपना दूसरा टेस्ट मैच ही खेल रहे हैं और उन्होंने इस मैच की पहली पारी में सर्वाधिक चार विकेट हासिल किए हैं। आपको याद दिला दें कि कुलदीप ने अपने करियर के पहले ही टेस्ट मैच में इसी साल धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी चार विकेट लेकर सबका दिल जीता था। सवाल ये है कि अपने शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी क्या विराट आगे कुलदीप को बाहर रखने का फैसला ले पाएंगे?

– ये हैं विकल्प? 

आइए अब जानते हैं कि आखिर मौजूदा स्थिति क्या है। जडेजा अच्छे फॉर्म में हैं और उन्होंने बल्ले से भी दम दिखाया है, दूसरी तरफ हैं रविचंद्रन अश्विन जो टीम के मुख्य स्पिनर हैं और विराट उन्हें हटाने का जोखिम नहीं उठा सकते। मौजूदा टीम में दो विशेषज्ञ पेसर हैं- मोहम्मद शमी और उमेश यादव, जिनको भी विराट टीम से हटाना नहीं चाहेंगे। अब बचा था सिर्फ एक विकल्प और वो थे ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या लेकिन पांड्या ने भी मौजूदा टेस्ट की पहली पारी में 96 गेंदों पर 108 रनों की धुआंधार पारी खेलकर सबका दिल जीत लिया। आज पांड्या की बल्लेबाजी देखने के बाद खुद मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने इस ऑलराउंडर की तारीफ की है। उनके मुताबिक पांड्या के अंदर कपिल देव की झलक दिखती है, हालांकि कपिल के स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें जमीन से जुड़े रहना होगा। ऐसी स्थिति में अब अगली बार जब विराट शीर्ष-11 खिलाड़ी चुनेंगे तो जाहिर तौर पर उनके सामने असमंजस की स्थिति होगी। अच्छी बात ये है कि टीम इंडिया बेहद मजबूत होती जा रही है।

– वो विवाद कैसे भूल सकते हैं

इसी साल मार्च की बात है। ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर थी और उस सीरीज के तीसरे मुकाबले (रांची टेस्ट) में पूर्व कोच अनिल कुंबले चाहते थे कि शीर्ष-11 में कुलदीप यादव को शामिल किया जाए लेकिन विराट ने इससे इंकार कर दिया था। विराट ने स्पिन डिपार्टमेंट में जडेजा और अश्विन के साथ ही उतरने का फैसला लिया। उस मैच में जडेजा ने तो अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अश्विन कुल दो विकेट ले पाए और काफी महंगे भी साबित हुए। वो मैच ड्रॉ रहा था। अगले टेस्ट (धर्मशाला) में विराट चोटिल थे तो कुंबले ने कुलदीप को उतारने का फैसला लिया। वो कुलदीप के टेस्ट करियर का पहला मुकाबला था लेकिन इस युवा स्पिनर ने पहली ही पारी में चार विकेट लेकर सबको हैरान कर दिया। उन्होंने दिग्गज ओपनर वॉर्नर सहित मध्यक्रम के दो व निचले क्रम के एक बल्लेबाज को आउट किया। भारत ने वो मैच 8 विकेट से जीता था और साथ ही कुंबले के फैसले को भी सही माना गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसी एक फैसले की वजह से कुंबले और विराट में मतभेदों की शुरुआत हुई थी, बाद में पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे कुंबले की विदाई हुई और विराट के पसंदीदा रवि शास्त्री की कोच के रूप में एंट्री हुई।

– इस मामले में कुलदीप है बाकी स्पिनर्स से बेहतर

कुलदीप यादव एक चाइनामेन गेंदबाज हैं। कलाई की कला से गेंद करने वाला बाएं हाथ का एक ऐसा स्पिनर जो दुनिया में कम ही देखने को मिले हैं। इस प्रकार के गेंदबाज की सबसे बड़ी ताकत होती है किसी भी पिच पर अपनी स्पिन का कमाल दिखाना। चाइनामेन गेंदबाज पिच के रवैये के भरोसे नहीं रहते। खुद कप्तान विराट कोहली ने भी अपने एक बयान में कहा था कि कुलदीप उन गेंदबाजों में से हैं जिनको फर्क नहीं पड़ता कि पिच स्पिनर्स के लिए फायदेमंद है या तेज गेंदबाजों के लिए। ऐसे में जाहिर है कि आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जैसे देशों की तेज पिचों पर भी कुलदीप बल्लेबाजों को हैरान कर सकते हैं। इसको नजर में रखते हुए कुलदीप को ज्यादा से ज्यादा मैचों की जरूरत होगी और अब फैसला विराट और कोच शास्त्री के पाले में है कि उनकी रणनीति क्या रहेगी।

By
Shivam Awasthi 

Tags:
author

Author: