एक ही मैच में दोनों टीमों के लिए की गेंदबाजी, किया करिश्माई प्रदर्शन और फिर….

एक ही मैच में दोनों टीमों के लिए की गेंदबाजी, किया करिश्माई प्रदर्शन और फिर....एक ही मैच में दोनों टीमों के लिए की गेंदबाजी, किया करिश्माई प्रदर्शन और फिर….

नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर जॉन हॉलैंड ने ऑस्ट्रेलिया में एक बार फिर ऐसा प्रदर्शन करके दिखाया है जिसने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने आज से पहले कई बार क्रिकेट के मैदान पर लाजवाब प्रदर्शन किया है लेकिन अब भी वो निराश और हताश हैं। कैसा था ये करिश्माई प्रदर्शन, क्या थी इस मैच की खासियत और क्यों ये गेंदबाज है निराश, आइए जानते हैं।

– शानदार प्रदर्शन

ऑस्ट्रेलियाई टीम जल्द ही बांग्लादेश दौरे के लिए रवाना होने वाली है जहां वो दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। इस सीरीज से पहले उन्होंने अपने घर में एक अभ्यास मैच का आयोजन किया जिसमें ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ की एकादश का मुकाबला डेविड वॉर्नर इलेवन टीम से था। डारविन में खेले गए इस तीन दिवसीय मुकाबले के अंतिम दिन स्टीव स्मिथ टीम की तरफ से गेंदबाजी करते हुए 30 वर्षीय स्पिनर जॉन हौलेंड ने कुल 11 गेंदें की जिसमें उन्होंने धुरंधर बल्लेबाजों के खिलाफ सिर्फ 1 रन लुटाया और 4 विकेट लिए।

– आया ट्विस्ट

ये एक इंट्रा-स्क्वायड मैच था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित इन मुकाबलों में नियम काफी लचीले होते हैं। दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा अभ्यास मिल सके। इस मुकाबले में जॉन हौलेंड मैच की शुरुआत में तो डेविड वॉर्नर इलेवन की तरफ से मैदान पर उतरे थे लेकिन जब वॉर्नर की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो उनको स्टीव स्मिथ की टीम को सौंप दिया गया था। उन्होंने स्टीव स्मिथ की तरफ से चार विकेट लिए और बाद में जब स्मिथ की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो वो वॉर्नर की टीम के लिए गेंदबाजी करने लगे और यहां पर भी उन्होंने एक अहम विकेट (मार्कस स्टोइनिस) हासिल किया।

– ..और फिर निराश हो गए जॉन

हॉलैंड आज 30 साल के हैं और कुछ ही सालों में वो संन्यास लेने के करीब पहुंच जाएंगे। आपको बता दें कि ये बाएं हाथ का लाजवाब स्पिनर पिछले दस सालों से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल रहा है। इस दौरान उन्होंने कई बार अपने प्रदर्शन से फैंस का दिल जीता है और हाल के दिनों में भी वो अच्छा प्रदर्शन करते आए हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें बांग्लादेश दौरे के लिए टेस्ट टीम में नहीं चुना गया। पिछले घरेलू क्रिकेट सत्र में उन्होंने पांच मैचों में 27 विकेट लिए लेकिन फिर भी चयनकर्ता प्रभावित नहीं हुए। उन्हें पिछले साल श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज करने का मौका मिला था। उन्होंने श्रीलंका में दो टेस्ट खेले थे जिसमें हॉलैंड ने पांच विकेट हासिल किए थे। वो अपनी फिरकी से गेंदबाजों पर दबाव बनाने में भी सफल हुए थे लेकिन उस सीरीज के बाद उन्हें दोबारा ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल नहीं किया और आगामी बांग्लादेश दौरे के लिए एश्टन एगर और नाथन ल्योन को ही ले जाने का फैसला लिया गया।

– ऐसे जाहिर की अपनी नाराजगी

खुद जॉन हौलेंड ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में दिए गए एक बयान में कहा, ‘पिछले साल श्रीलंका दौरे के बाद से मेरी चयनकर्ताओं से बातचीत नहीं हुई। किसी ने मुझसे संपर्क करने की कोशिश भी नहीं की। उन्होंने ये भी जानने की कोशिश नहीं की, कि मेरा प्रदर्शन कैसा चल रहा है। ये बहुत निराश करता है। श्रीलंका दौरे के बाद मेरे खेल में और भी सुधार हुआ है। पिछले आठ शील्ड मैचों (घरेलू क्रिकेट) में मैंने तकरीबन 50 विकेट हासिल किए हैं। मैं भी जानना चाहूंगा कि आखिर मेरा चयन क्यों नहीं हुआ। मुझे कोई अंदाजा नहीं कि ऐसा मेरे साथ क्यों किया गया।’ गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड और उनकी चयन समिति पर भी समय-समय पर भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। पर्दे के पीछे की राजनीति के कारण खिलाड़ी और अधिकारियों के बीच कई बार स्थिति चिंताजनक बन चुकी है। अब देखना ये होगा कि हॉलैंड का करियर यहां से किस दिशा में जाता है।

By
Shivam Awasthi 

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